Hara Hu Bhole Par Tujhpe Bharosa Hai Lyrics Divya Sur Bhajan Lyrics

Hara Hu Bhole Par Tujhpe Bharosa Hai Lyrics

Hara Hu Bhole Par Tujhpe Bharosa Hai Lyrics

Lyrics:-

भोले

कहते हैं

जब सारी दुनिया साथ छोड़ देती है

तब भी तू

अपने भक्त का हाथ नहीं छोड़ता

आज मैं भी

सबसे हार कर

तेरे दर पर आया हूँ

मुझे जीत नहीं चाहिए भोले

बस

तू मेरा हाथ पकड़ ले

हारा हूँ भोले

बस तुझपे भरोसा है

जीतूँगा एक दिन

मेरा दिल ये कहता है

हारा हूँ भोले

बस तुझपे भरोसा है

जीतूँगा एक दिन

मेरा दिल ये कहता है

मेरे माँझी बन जाओ

मेरी नाव चला जाओ

अपने इस बच्चे को भोले

तुम गले लगा जाओ

मेरे माँझी बन जाओ

मेरी नाव चला जाओ

अपने इस बच्चे को भोले

तुम गले लगा जाओ

हारा हूँ भोले

बस तुझपे भरोसा है

जीतूँगा एक दिन

मेरा दिल ये कहता है

मैंने सुना है भोले

तू रोते हुए चेहरों पर

फिर से मुस्कान लौटा देता है

और जो बात

इंसान दुनिया से नहीं कह पाता

वो भी

तू बिना बोले समझ जाता है

मैंने सुना है तू दुखड़े मिटाता है

रोते हुए भक्तों को हँसना सिखाता है

बिन बोले दिल की तू पीड़ा समझता है

गिरते हुए भक्तों को तू संभालता है

मैंने सुना है तू दुखड़े मिटाता

बिन बोले भक्तों की बिगड़ी बनाता

मिलता ना किनारा है

ना कोई और सहारा है

इस डूबती नैया का भोले

तू ही एक सहारा है

हारा हूँ भोले

बस तुझपे भरोसा है

जीतूँगा एक दिन

मेरा दिल ये कहता है

भोले

कभी-कभी समझ नहीं आता

गलती मेरी है

या इम्तिहान तेरा

बस इतना जानता हूँ

जब तू हिम्मत देता है

तभी ये साँसें चलती हैं

मुझे समझ ना आता है

मेरी क्या गलती है

क्यों हर खुशी मेरी

मुझसे दूर चलती है

हारा हूँ भोले

बस तुझपे भरोसा है

जीतूँगा एक दिन

मेरा दिल ये कहता है

भोले

दुनिया के सामने

मैं आज भी मुस्कुरा लेता हूँ

लेकिन

तू तो सब जानता है ना

कि अकेले में

मैं कितना टूट जाता हूँ

सबको दिया है तूने

मुझको भी देना

टूटा हूँ भोले

अब और इम्तिहान ना लेना

मेरे आँसुओं को भोले

तूने तो देखा है

मेरे टूटे दिल का

हर दर्द समझा है

अब हार गया हूँ मैं

कुछ कर ना पाता हूँ

बस तेरा नाम लेकर

खुद को समझाता हूँ

हारा हूँ भोले

बस तुझपे भरोसा है

जीतूँगा एक दिन

मेरा दिल ये कहता है

भोले

बहुत थक गया हूँ

अब लड़ने की ताकत नहीं बची

अगर मैं गिर जाऊँ

तो मुझे उठा लेना

अगर मैं टूट जाऊँ

तो मुझे जोड़ देना

और अगर

पूरी दुनिया मुझे छोड़ दे

तो बस

तू मुझे मत छोड़ना

भोले

मैं हारा जरूर हूँ

लेकिन

अकेला नहीं

क्योंकि

मेरे साथ

मेरा महादेव है

हर हर महादेव

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Lyrics

कौन पुकारे राख के भीतर,

कौन जले अंगारों में…

कौन छुपा है शून्य बनाकर,

इन सांसों के तारों में…

 

महादेव… महादेव…

महादेव… महादेव…

आदेश… आदेश…

 

श्मशानों की निस्तब्ध रातों में,

जिसका डेरा लगता है।

मृत्यु जहाँ पर अंत समझे,

वो जीवन वहाँ जगता है।

 

ना मैं शब्द, ना मैं वाणी,

ना कोई उच्चार हूँ।

महादेव की मौन कृपा का,

धरती पर विस्तार हूँ॥

 

अलख निरंजन… अलख निरंजन…

नयन बंद, जग जागे।

आदेश… आदेश…

ना मैं जन्म, ना मैं मृत्यु,

ना कोई अभिमान हूँ।

महादेव… महादेव…

महादेव… महादेव…

आदेश… आदेश…

 

मैंने देखा चाँद उतरकर,

जटाओं में सो जाता है।

गंगा बनकर प्रेम स्वयं ही,

शिव चरणों को पाता है।

 

महादेव… महादेव…

महादेव… महादेव…

 

ना मैं देह, ना मैं छाया,

ना कोई आकार हूँ।

राख उड़ा दे नाम का झोंका,

बस शिव का इक दावा हूँ।

 

अलख निरंजन… अलख निरंजन…

राख बिछाकर धरती ऊपर,

अपना आसन डाला है।

आदेश… आदेश…

शिव कथा अनसुनी॥

 

जहाँ समय भी थक कर बैठा,

वहाँ अघोरी चलता है।

जिसको जग अंधकार कहे,

वो उसमें सूरज मलता है।

 

महादेव… महादेव…

कालों के भी काल।

महादेव… महादेव…

तेरा कौन मिसाल॥

 

(उच्च स्वर में उत्कर्ष)

 

ना धन माँगूँ, ना वैभव माँगूँ,

ना जग का सम्मान।

बस इतना कर दे औघड़ बाबा,

तेरा हो जाऊँ पहचान।

 

अलख निरंजन… अलख निरंजन…

गूँजे दसों दिशाएँ।

आदेश… आदेश…

शिव स्वयं सुन जाएँ॥

 

(अंतिम समापन — मंत्र जैसा)

 

राख हूँ मैं…

राख में तू…

श्वास हूँ मैं…

श्वास में तू…

 

शून्य हूँ मैं…

शून्य में तू…

महादेव…

महादेव…

 

अलख निरंजन…

अलख निरंजन…

 

आदेश…

आदेश…

 

हर हर महादेव..

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Hanuman Chalisa 7 Times Repeat | Powerful Bajrangbali Path for Peace & Protection 🔥

Alakh Niranjan Aadesh

सुबह हनुमान चालीसा ☀️ | Morning Hanuman Chalisa | Powerful Morning Mantra For Positive Energy

॥ दोहा ॥

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥

॥ चौपाई ॥

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर॥ राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥

महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥ कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै। काँधे मूँज जनेऊ साजै॥ संकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग बंदन॥

बिद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर॥ प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया॥

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रूप धरि लंक जरावा॥ भीम रूप धरि असुर सँहारे। रामचन्द्र के काज सँवारे॥

लाय सजीवन लखन जियाये। श्रीरघुबीर हरषि उर लाये॥ रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥ सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा। नारद सारद सहित अहीसा॥

जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते। कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥ तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा। राम मिलाय राज पद दीन्हा॥

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना। लंकेस्वर भए सब जग जाना॥ जुग सहस्र जोजन पर भानू। लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं। जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥ दुर्गम काज जगत के जेते। सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥

राम दुआरे तुम रखवारे। होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥ सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रच्छक काहू को डर ना॥

आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हाँक तें काँपै॥ भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै॥

नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥ संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥

सब पर राम तपस्वी राजा। तिन के काज सकल तुम साजा॥ और मनोरथ जो कोई लावै। सोइ अमित जीवन फल पावै॥

चारों जुग परताप तुम्हारा। है परसिद्ध जगत उजियारा॥ साधु-संत के तुम रखवारे। असुर निकंदन राम दुलारे॥

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता॥ राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा॥

तुम्हरे भजन राम को पावै। जनम-जनम के दुख बिसरावै॥ अन्तकाल रघुबर पुर जाई। जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई॥

और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ सर्ब सुख करई॥ संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥

जै जै जै हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदव की नाईं॥ जो सत बार पाठ कर कोई। छूटहि बंदि महा सुख होई॥

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा॥ तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हृदय मँह डेरा॥

॥ दोहा ॥

पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप। राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥

माता चिंतपूर्णी का इतिहास और छिन्नमस्तिका शक्तिपीठ की रहस्यमयी कथा (Mata Chintpurni History in Hindi)

https://youtu.be/kya4NdYn8aQ?si=98yz_hBFaCZiPrTr

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