Bajarang Baan

Bajarang Baan: जीवन के भयंकर संकट दूर करने के 11 शक्तिशाली उपाय

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Bajarang Baan: जीवन के भयंकर संकट दूर करने के 11 शक्तिशाली उपाय

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति किसी न किसी समस्या से जूझ रहा है। कभी कारोबार में अचानक नुकसान होने लगता है, तो कभी कोई अज्ञात बीमारी या शत्रु हमें घेर लेते हैं। जब सारे रास्ते बंद नजर आते हैं और इंसान पूरी तरह से निराश हो जाता है, तब एक ही आसरा बचता है—ईश्वरीय शक्ति।

सनातन धर्म में संकटमोचन हनुमान जी को कलयुग का सबसे जागृत देवता माना गया है। हनुमान जी की आराधना के कई तरीके हैं, लेकिन जब संकट अत्यंत भयंकर हो, तब Bajarang Baan (बजरंग बाण) का पाठ अचूक फल देता है।

इस विस्तृत लेख में हम Bajarang Baan के प्रभाव, इसे पढ़ने की सही विधि, और इसके चमत्कारों के बारे में विस्तार से जानेंगे। यह कोई सामान्य स्तुति नहीं है, बल्कि एक ऐसा शक्तिशाली अस्त्र है जो आपके जीवन की हर बाधा को जड़ से खत्म कर सकता है।

Bajarang Baan

 

Bajarang Baan क्या है? (What is Bajarang Baan?)

Bajarang Baan गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित एक अत्यंत प्रभावशाली और उग्र स्तोत्र है। ‘बजरंग’ का अर्थ है वज्र के समान कठोर अंगों वाले भगवान हनुमान, और ‘बाण’ का अर्थ है तीर।

जिस प्रकार एक बार कमान से छूटा हुआ तीर अपने लक्ष्य को भेद कर ही वापस लौटता है, ठीक उसी प्रकार Bajarang Baan का पाठ करने से भक्त की पुकार सीधे हनुमान जी तक पहुंचती है। यह पाठ उन परिस्थितियों में किया जाता है जब व्यक्ति घोर संकट में हो और सामान्य पूजा-पाठ से लाभ न मिल रहा हो।

उग्र प्रकृति और मर्यादा

यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि Bajarang Baan एक उग्र पाठ है। इसमें हनुमान जी को भगवान राम की सौगंध (कसम) दिलाई गई है। पंक्तियां जैसे “उठु उठु चलु तोहि राम दुहाई” दर्शाती हैं कि भक्त हनुमान जी से अपनी रक्षा के लिए तुरंत आने की जिद कर रहा है।

चूंकि इसमें भगवान राम की कसम दी गई है, इसलिए हनुमान जी इस पाठ को सुनने के बाद तुरंत दौड़े चले आते हैं। यही कारण है कि इसे छोटी-मोटी समस्याओं के लिए पढ़ने की मनाही है।

Bajarang Baan और हनुमान चालीसा में मुख्य अंतर

अक्सर लोग भ्रमित रहते हैं कि उन्हें हनुमान चालीसा पढ़ना चाहिए या Bajarang Baan। दोनों ही स्तोत्र हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हैं, लेकिन इनके उपयोग और प्रभाव में बड़ा अंतर है।

1. उद्देश्य और प्रकृति

हनुमान चालीसा एक सौम्य और भक्तिपूर्ण प्रार्थना है। यह हनुमान जी के गुणों का गुणगान है। इसे आप मन की शांति, सकारात्मकता और दैनिक आशीर्वाद के लिए रोज़ाना पढ़ सकते हैं। वहीं, Bajarang Baan एक तांत्रिक और मारक स्तोत्र है। इसका प्रयोग केवल विशेष और गंभीर संकट के समय ही किया जाता है।

2. राम जी की सौगंध

हनुमान चालीसा में किसी प्रकार की कोई कसम नहीं है। यह प्रेम से भरी पुकार है। दूसरी ओर, Bajarang Baan में राम जी की दुहाई देकर हनुमान जी को तुरंत कार्य सिद्ध करने के लिए बाध्य किया जाता है।

3. नियम और परहेज

हनुमान चालीसा को आप चलते-फिरते, यात्रा करते या किसी भी समय पढ़ सकते हैं। इसके नियम बहुत सरल हैं। लेकिन Bajarang Baan पढ़ने के लिए आपको विशेष आसन, समय, दिशा और पवित्रता के कठोर नियमों का पालन करना पड़ता है।

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Bajarang Baan पढ़ने के 11 चमत्कारिक लाभ (11 Powerful Benefits)

जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा, सही नियम और अटूट विश्वास के साथ Bajarang Baan का पाठ करता है, उसके जीवन में अद्भुत बदलाव आते हैं। आइए इसके 11 सबसे बड़े फायदों के बारे में जानते हैं।

1. कारोबार (Business) में आ रही भयंकर रुकावटें दूर होना

कई बार अच्छा चलता हुआ कारोबार अचानक ठप हो जाता है। यदि आपके व्यापार में लगातार घाटा हो रहा है, पैसा फंस गया है, या ग्राहक आने बंद हो गए हैं, तो कार्यस्थल पर Bajarang Baan का पाठ चमत्कारी असर दिखाता है। यह व्यापार को बांधने वाली नकारात्मक शक्तियों को नष्ट करता है।

2. गुप्त शत्रुओं का नाश

जब आपको पता न हो कि आपका दुश्मन कौन है और वह आपको नुकसान पहुंचा रहा हो, तब यह पाठ एक सुरक्षा कवच का काम करता है। Bajarang Baan के प्रभाव से आपके शत्रु या तो शांत हो जाते हैं या उनके द्वारा रचे गए षड्यंत्र उन्हीं पर उल्टे पड़ जाते हैं।

3. तंत्र-मंत्र और बुरी नजर से मुक्ति

अगर आपको लगता है कि किसी ने आपके घर या परिवार पर कोई ‘किया-कराया’ (Black Magic) या टोना-टोटका कर दिया है, तो Bajarang Baan अचूक है। यह घर से हर प्रकार की बुरी शक्ति को बाहर निकाल फेंकता है।

4. गंभीर और असाध्य रोगों से रक्षा

जब दवाइयां असर करना बंद कर दें और बीमारियां शरीर को घेर लें, तब हनुमान जी की शरण में जाना चाहिए। Bajarang Baan का संकल्प लेकर पाठ करने से रोगी की इच्छाशक्ति मजबूत होती है और दवाओं का असर तेजी से होने लगता है।

5. कोर्ट-कचहरी और मुकदमों में जीत

यदि आप किसी झूठे आरोप या लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में फंसे हैं, तो मंगलवार के दिन Bajarang Baan का अनुष्ठान शुरू करें। हनुमान जी न्याय के देवता हैं, वे निर्दोष की अवश्य रक्षा करते हैं।

6. अज्ञात भय और मानसिक तनाव से छुटकारा

रात को बुरे सपने आना, अकेले में डर लगना, या डिप्रेशन (तनाव) जैसी स्थिति में यह पाठ संजीवनी का काम करता है। इसे पढ़ने से मन में गजब का साहस और निर्भीकता आती है।

7. नौकरी और करियर की बाधाएं खत्म होना

अगर आपकी नौकरी बार-बार छूट रही है, प्रमोशन अटका हुआ है, या ऑफिस में बॉस आपको परेशान कर रहा है, तो 21 दिन तक Bajarang Baan का नियमित पाठ आपके करियर को नई ऊंचाई दे सकता है।

8. मांगलिक दोष और विवाह में देरी का उपाय

जिन युवाओं के विवाह में अड़चनें आ रही हैं या बार-बार रिश्ते टूट रहे हैं, उन्हें लाल आसन पर बैठकर Bajarang Baan का पाठ करना चाहिए। इससे विवाह के योग जल्दी बनते हैं।

9. कर्ज से शीघ्र मुक्ति

अगर आप भारी कर्ज के बोझ तले दब गए हैं और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है, तो Bajarang Baan आपको आर्थिक संकट से उबारने के नए रास्ते दिखाता है। यह धन आगमन के स्रोत खोलता है।

10. शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या में राहत

शनिदेव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि वे उनके भक्तों को कभी परेशान नहीं करेंगे। इसलिए जिन लोगों पर शनि की क्रूर दृष्टि है, उन्हें नियमित रूप से हनुमान चालीसा और शनिवार के दिन Bajarang Baan पढ़ना चाहिए।

11. आत्मविश्वास और ऊर्जा का संचार

इस पाठ के शब्दों में इतनी ऊर्जा है कि इसे पढ़ने मात्र से शरीर का आलस्य दूर हो जाता है। व्यक्ति के भीतर एक नई सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है।

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Bajarang Baan का पाठ कैसे करें? (संपूर्ण और सही विधि)

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चूंकि Bajarang Baan एक शक्तिशाली अस्त्र है, इसलिए इसे पढ़ने के कुछ कड़े नियम हैं। यदि आप बिना नियमों के इसे पढ़ेंगे, तो हो सकता है कि आपको मनचाहा फल न मिले या इसके विपरीत परिणाम भुगतने पड़ें।

पाठ शुरू करने का शुभ दिन

Bajarang Baan का अनुष्ठान शुरू करने के लिए मंगलवार या शनिवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। इसे सुबह सूर्योदय के समय या शाम को सूर्यास्त के बाद (गोधूलि वेला) पढ़ना चाहिए।

पाठ से पहले की तैयारी (Preparation)

  1. स्वच्छता: सबसे पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें। हनुमान जी की पूजा में लाल या नारंगी रंग के वस्त्र पहनना बहुत शुभ होता है।
  2. स्थान का चुनाव: घर के एकांत कोने या पूजा घर को चुनें। वहां गंगाजल छिड़क कर पवित्र करें।
  3. आसन: हमेशा कुशा (घास) या ऊन से बने लाल रंग के आसन का प्रयोग करें। बिना आसन के कभी भी Bajarang Baan न पढ़ें।
  4. दिशा: आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
  5. दीपक और प्रसाद: हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने गाय के शुद्ध घी या चमेली के तेल का दीपक जलाएं। प्रसाद में गुड़-चना, बूंदी या मोतीचूर के लड्डू रखें।

संकल्प लेने की विधि (How to Take Sankalp)

Bajarang Baan का पाठ बिना संकल्प के अधूरा माना जाता है। संकल्प लेने का अर्थ है कि आप भगवान को अपनी समस्या बता रहे हैं और एक निश्चित अवधि के लिए पाठ करने का वादा कर रहे हैं।

दाहिने हाथ में थोड़ा सा जल, अक्षत (चावल) और एक लाल फूल लें। अब मन ही मन बोलें:

“हे परमेश्वर, मैं (अपना नाम बोलें), (अपने गोत्र का नाम बोलें) गोत्र में उत्पन्न, आज इस दिन से अपनी इस (अपनी समस्या या बीमारी या कारोबार की परेशानी बताएं) विशेष समस्या को दूर करने के लिए अगले 11, 21 या 41 दिनों तक Bajarang Baan का पाठ करने का संकल्प लेता हूँ। हे हनुमान जी, मेरे कार्य सिद्ध करें।”

इसके बाद उस जल को जमीन पर छोड़ दें।

पाठ का सही क्रम

  1. सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान करें (“ॐ गं गणपतये नमः”)।
  2. फिर भगवान राम और माता सीता का स्मरण करें। हनुमान जी राम नाम के बिना कोई पूजा स्वीकार नहीं करते।
  3. इसके बाद एक बार हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  4. अब पूरी श्रद्धा और ध्यान के साथ Bajarang Baan का पाठ शुरू करें।
  5. पाठ पूरा होने के बाद हनुमान जी की आरती करें और उनसे अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगें।

पाठ के दौरान किन बातों का ध्यान रखें? (Strict Rules)

  • ब्रह्मचर्य: अनुष्ठान के दिनों में पूर्ण रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • भोजन: तामसिक भोजन (मांस, मछली, अंडा), लहसुन, प्याज और मदिरा (शराब) का पूरी तरह से त्याग करें।
  • सत्य बोलना: पाठ के दिनों में किसी से झूठ न बोलें, किसी की निंदा न करें और क्रोध करने से बचें।
  • स्त्री का सम्मान: महिलाओं का अपमान करने वाले व्यक्ति की पूजा हनुमान जी कभी स्वीकार नहीं करते।

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कारोबार (Business) में सफलता के लिए Bajarang Baan के विशेष उपाय

अगर आपका कारोबार बुरी तरह से प्रभावित है और आपके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, तो आप नीचे दिया गया यह विशेष उपाय कर सकते हैं।

मंगलवार के दिन अपने कारखाने, दुकान या ऑफिस में सफाई करवाएं। ईशान कोण (North-East corner) में एक लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की तस्वीर स्थापित करें।

एक पंचमुखी दीपक जलाएं (जिसमें पांच बत्तियां हों)। अब हाथ में जल लेकर अपने कारोबार की उन्नति का संकल्प लें और लगातार 21 दिनों तक सुबह अपनी दुकान या ऑफिस खोलने के तुरंत बाद Bajarang Baan का पाठ करें।

पाठ के बाद दुकान के मुख्य द्वार पर थोड़ा सा गंगाजल छिड़कें। यह उपाय आपके कारोबार में लगे हर तरह के ‘बंधन’ को काट देगा और ग्राहकों की भीड़ फिर से बढ़ने लगेगी।

Bajarang Baan से जुड़े व्यावहारिक उदाहरण (Real-Life Case Studies)

आइए कुछ वास्तविक जीवन की घटनाओं (व्यावहारिक उदाहरण) से समझते हैं कि कैसे Bajarang Baan ने लोगों के जीवन को पूरी तरह बदल दिया।

उदाहरण 1: डूबता हुआ कारोबार और कर्ज से मुक्ति

अहमदाबाद के एक व्यापारी, सुरेश जी का कपड़े का बड़ा कारोबार था। कोरोना काल के बाद उनका काम बिल्कुल ठप हो गया। लाखों का माल गोदाम में सड़ रहा था और बैंक का भारी कर्ज सिर पर था। वे इतने निराश हो चुके थे कि उन्हें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था।

उनके एक मित्र ने उन्हें Bajarang Baan का 41 दिनों का अनुष्ठान करने की सलाह दी। सुरेश जी ने हार न मानते हुए पूरी निष्ठा से संकल्प लिया। अनुष्ठान के 25वें दिन ही उन्हें एक बड़ी कंपनी से थोक में कपड़े का ऑर्डर मिला। 41 दिन पूरे होते-होते उनका रुका हुआ माल बिक गया और उन्होंने अपना आधा कर्ज चुका दिया। आज उनका कारोबार पहले से कहीं ज्यादा अच्छी स्थिति में है।

उदाहरण 2: झूठे मुकदमे से बचाव

दिल्ली के रहने वाले रजत पर उनके कुछ विरोधियों ने एक झूठा और गंभीर पुलिस केस कर दिया था। रजत की नौकरी खतरे में थी और उन्हें जेल जाने का डर सता रहा था।

उनके वकील ने भी हाथ खड़े कर दिए थे। रजत की माता जी ने अपने बेटे की रक्षा के लिए Bajarang Baan का 21 दिन का पाठ शुरू किया। चमत्कारिक रूप से, अगली सुनवाई में पुलिस को रजत के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला और विरोधी पक्ष गवाही देने ही नहीं आया। रजत को कोर्ट से बाइज्जत बरी कर दिया गया। यह हनुमान जी की शक्ति का साक्षात प्रमाण था।

किन परिस्थितियों में Bajarang Baan का पाठ नहीं करना चाहिए?

यह जानना भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि Bajarang Baan कब नहीं पढ़ना चाहिए। इसका गलत उपयोग आपको नुकसान पहुंचा सकता है।

  1. सामान्य पूजा के लिए: रोज़मर्रा की सामान्य पूजा या शांति के लिए इसे न पढ़ें। इसके लिए हनुमान चालीसा या संकटमोचन हनुमानाष्टक सबसे उत्तम है।
  2. छोटी-मोटी समस्याओं के लिए: जैसे कि सिरदर्द, हल्का बुखार, या किसी से छोटी सी बहस हो जाने पर इसका प्रयोग न करें। इसे ब्रह्माण्ड के बड़े अस्त्र (ब्रह्मास्त्र) की तरह मानें।
  3. किसी का बुरा चाहने के लिए: यदि आप किसी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने या बदला लेने की भावना से Bajarang Baan पढ़ेंगे, तो हनुमान जी क्रोधित हो सकते हैं और इसका उल्टा असर आपके ऊपर ही होगा।
  4. अशुद्ध अवस्था में: बिना स्नान किए, गंदे कपड़ों में या सूतक काल (परिवार में जन्म या मृत्यु के समय) में इसका पाठ वर्जित है।
  5. स्त्रियों के लिए नियम: महिलाएं भी पूरी श्रद्धा से Bajarang Baan पढ़ सकती हैं, लेकिन मासिक धर्म (Periods) के दौरान उन्हें यह पाठ बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यहाँ Bajarang Baan से जुड़े कुछ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न और उनके उत्तर दिए गए हैं:

प्रश्न 1: क्या मैं रोज़ Bajarang Baan का पाठ कर सकता हूँ?

उत्तर: नहीं, इसे बिना किसी बड़े कारण के रोज़ाना पढ़ने की सलाह नहीं दी जाती। रोज़ाना पढ़ने के लिए हनुमान चालीसा सबसे श्रेष्ठ है। Bajarang Baan का पाठ केवल विशेष संकट, बीमारी या अटके हुए कार्यों को पूरा करने के लिए संकल्प लेकर ही किया जाना चाहिए।

प्रश्न 2: Bajarang Baan पढ़ने में कितना समय लगता है?

उत्तर: यदि आप इसे स्पष्ट उच्चारण और लय के साथ पढ़ते हैं, तो एक बार Bajarang Baan का पाठ करने में लगभग 5 से 7 मिनट का समय लगता है। हालांकि, शुरुआत में जब आप इसे याद कर रहे होते हैं, तो थोड़ा अधिक समय लग सकता है।

प्रश्न 3: क्या महिलाएं Bajarang Baan का पाठ कर सकती हैं?

उत्तर: हाँ, बिल्कुल। महिलाएं भी अपने और अपने परिवार के संकट दूर करने के लिए इसका पाठ कर सकती हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि मासिक धर्म के 5 दिनों तक इसका पाठ या हनुमान जी की मूर्ति का स्पर्श न करें।

प्रश्न 4: क्या कारोबार में वृद्धि के लिए Bajarang Baan पढ़ सकते हैं?

उत्तर: जी हाँ। यदि आपके कारोबार पर किसी की बुरी नजर है, व्यापार अचानक रुक गया है, या लगातार नुकसान हो रहा है, तो आप अपने कार्यस्थल (दुकान/ऑफिस) पर मंगलवार से शुरू करके 21 दिन तक इसका पाठ कर सकते हैं। यह नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर व्यापार में वृद्धि करता है।

प्रश्न 5: यदि पाठ के बीच में एक दिन छूट जाए तो क्या करें?

उत्तर: यदि आपने 21 या 41 दिन का संकल्प लिया है और भूलवश या किसी मजबूरी के कारण एक दिन पाठ छूट जाए, तो आपको अनुष्ठान दोबारा शुरू से (दिन 1 से) करना चाहिए। इसलिए संकल्प लेते समय बहुत सोच-समझकर अवधि तय करें।

प्रश्न 6: क्या इंटरनेट से देखकर या मोबाइल से Bajarang Baan पढ़ सकते हैं?

उत्तर: हाँ, आप मोबाइल या किसी पुस्तक से देखकर पढ़ सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात आपकी भावना और श्रद्धा है। बस यह सुनिश्चित करें कि आप जिस मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं वह साफ हो और आपका ध्यान बार-बार नोटिफिकेशन पर न जाए।

प्रश्न 7: Bajarang Baan का पाठ रात में किया जा सकता है?

उत्तर: वैसे तो इसे सुबह या शाम को पढ़ना सबसे अच्छा है, लेकिन यदि कोई बहुत भयंकर संकट है (जैसे अचानक तबीयत बहुत बिगड़ जाना या अज्ञात डर लगना), तो इसे रात में भी शुद्ध होकर पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

अंत में, यह समझना आवश्यक है कि Bajarang Baan शब्दों का कोई साधारण समूह नहीं है; यह एक परम शक्तिशाली ऊर्जा का स्रोत है। हनुमान जी कलयुग के प्रत्यक्ष देव हैं जो अपने भक्तों की पुकार सुनकर तुरंत दौड़े चले आते हैं।

जब भी आपके जीवन में ऐसा लगे कि अब कुछ भी ठीक नहीं हो सकता, चारों तरफ से निराशा घेर ले और आपका कारोबार, स्वास्थ्य या मानसिक शांति दांव पर हो, तब एक बार पूर्ण विश्वास के साथ हनुमान जी के चरणों में गिर जाएं।

नियमपूर्वक Bajarang Baan का अनुष्ठान करें। राम नाम की दुहाई सुनकर महाबली हनुमान आपके जीवन के हर बड़े से बड़े संकट को ऐसे नष्ट कर देंगे जैसे सूरज की पहली किरण अंधकार को मिटा देती है।

अपनी नियमित दिनचर्या में हनुमान चालीसा को शामिल करें और जरूरत पड़ने पर इस अचूक बाण का प्रयोग करें। हनुमान जी आपका सदैव कल्याण करेंगे! जय श्री राम! जय हनुमान!

Lyrics – Bajarang Baan

निश्चय प्रेम प्रतीति ते,बिनय करै सनमान।
तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥

जय हनुमन्त सन्त हितकारी। सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥
जन के काज विलम्ब न कीजै। आतुर दौरि महा सुख दीजै॥

जैसे कूदि सिन्धु वहि पारा।सुरसा बदन पैठि बिस्तारा॥
आगे जाय लंकिनी रोका।मारेहु लात गई सुर लोका॥

जाय विभीषण को सुख दीन्हा।सीता निरखि परम पद लीन्हा॥
बाग उजारि सिन्धु महं बोरा।अति आतुर यम कातर तोरा॥

अक्षय कुमार मारि संहारा।लूम लपेटि लंक को जारा॥
लाह समान लंक जरि गई।जय जय धुनि सुर पुर महं भई॥

अब विलम्ब केहि कारण स्वामी।कृपा करहुं उर अन्तर्यामी॥
जय जय लक्ष्मण प्राण के दाता।आतुर होइ दु:ख करहुं निपाता॥

जय गिरिधर जय जय सुख सागर।सुर समूह समरथ भटनागर॥
ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्त हठीले।बैरिहिं मारू बज्र की कीले॥

गदा बज्र लै बैरिहिं मारो।महाराज प्रभु दास उबारो॥
ॐकार हुंकार महाप्रभु धावो।बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो॥

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमन्त कपीसा।ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा॥
सत्य होउ हरि शपथ पायके।रामदूत धरु मारु धाय के॥

जय जय जय हनुमन्त अगाधा।दु:ख पावत जन केहि अपराधा॥
पूजा जप तप नेम अचारा।नहिं जानत कछु दास तुम्हारा॥

वन उपवन मग गिरि गृह माहीं।तुमरे बल हम डरपत नाहीं॥
पाय परौं कर जोरि मनावों।यह अवसर अब केहि गोहरावों॥

जय अंजनि कुमार बलवन्ता।शंकर सुवन धीर हनुमन्ता॥
बदन कराल काल कुल घालक।राम सहाय सदा प्रतिपालक॥

भूत प्रेत पिशाच निशाचर।अग्नि बैताल काल मारीमर॥
इन्हें मारु तोहि शपथ राम की।राखु नाथ मरजाद नाम की॥

जनकसुता हरि दास कहावो।ताकी शपथ विलम्ब न लावो॥
जय जय जय धुनि होत अकाशा।सुमिरत होत दुसह दु:ख नाशा॥

चरण शरण करि जोरि मनावों।यहि अवसर अब केहि गोहरावों॥
उठु उठु चलु तोहिं राम दुहाई।पांय परौं कर जोरि मनाई॥

ॐ चं चं चं चं चपल चलन्ता।ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमन्ता॥
ॐ हं हं हांक देत कपि चञ्चल।ॐ सं सं सहम पराने खल दल॥

अपने जन को तुरत उबारो।सुमिरत होय आनन्द हमारो॥
यहि बजरंग बाण जेहि मारो।ताहि कहो फिर कौन उबारो॥

पाठ करै बजरंग बाण की।हनुमत रक्षा करै प्राण की॥
यह बजरंग बाण जो जापै।तेहि ते भूत प्रेत सब कांपे॥

धूप देय अरु जपै हमेशा।ताके तन नहिं रहे कलेशा॥

प्रेम प्रतीतिहिं कपि भजै,सदा धरै उर ध्यान।
तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥

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