Latest posts
-
Alakh Niranjan Aadesh By Divya Sur | Shiv Stuti – 2026
LYRICS:- कौन पुकारे राख के भीतर, कौन जले अंगारों में… कौन छुपा है शून्य बनाकर, इन सांसों के तारों में… महादेव… महादेव… महादेव… महादेव… आदेश… आदेश… [Chorus] श्मशानों की निस्तब्ध रातों में, जिसका डेरा लगता है। मृत्यु जहाँ पर अंत समझे, वो जीवन वहाँ जगता है। ना मैं शब्द, ना मैं…
